गबन - Gaban


देवीदीन ने सामने आकर कहा, 'भैया आ गए! वह क्या मोटर जा रही है!'

यह कहता हुआ वह ऊपर आ गया। जालपा ने उत्सुकता को संकोच से दबाते हुए कहा, 'तुमसे कुछ कहा?'

देवीदीन-'और क्या कहते, खाली राम-राम की। मैंने कुसल पूछी। हाथ से दिलासा देते चले गए। तुमने देखा कि नहीं?'

जालपा ने सिर झुकाकर कहा,देखा क्यों नहीं? खिड़की पर ज़रा खड़ी थी।ट

'उन्होंने भी तुम्हें देखा होगा?'

'खिड़की की ओर ताकते तो थे। '

'बहुत चकराए होंगे कि यह कौन है!'


879 of 1203


देवीदीन ने सामने आकर कहा, 'भैया आ गए! वह क्या मोटर जा रही है!'

यह कहता हुआ वह ऊपर आ गया। जालपा ने उत्सुकता को संकोच से दबाते हुए कहा, 'तुमसे कुछ कहा?'

देवीदीन-'और क्या कहते, खाली राम-राम की। मैंने कुसल पूछी। हाथ से दिलासा देते चले गए। तुमने देखा कि नहीं?'

जालपा ने सिर झुकाकर कहा,देखा क्यों नहीं? खिड़की पर ज़रा खड़ी थी।ट

'उन्होंने भी तुम्हें देखा होगा?'

'खिड़की की ओर ताकते तो थे। '

'बहुत चकराए होंगे कि यह कौन है!'


879 of 1203