देवीदीन ने आंखें गाड़कर कहा,'जज साहब से!'
जालपा ने उसकी आंखों से आंखें मिलाकर कहा,'हां!'
देवीदीन ने दुविधा में पड़कर कहा, 'मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता, बहूजी! हाकिम का वास्ताब न जाने चित पड़े या पट।'
जालपा बोली, 'क्या पुलिस वालों से यह नहीं कह सकता कि तुम्हारा गवाह बनाया हुआ है?'
'कह तो सकता है।'
'तो आज मैं उससे मिलूं। मिल तो लेता है?'
'चलो, दरियार्ति करेंगे, लेकिन मामला जोखिम है।'
'क्या जोखिम है, बताओ।'
देवीदीन ने आंखें गाड़कर कहा,'जज साहब से!'
जालपा ने उसकी आंखों से आंखें मिलाकर कहा,'हां!'
देवीदीन ने दुविधा में पड़कर कहा, 'मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता, बहूजी! हाकिम का वास्ताब न जाने चित पड़े या पट।'
जालपा बोली, 'क्या पुलिस वालों से यह नहीं कह सकता कि तुम्हारा गवाह बनाया हुआ है?'
'कह तो सकता है।'
'तो आज मैं उससे मिलूं। मिल तो लेता है?'
'चलो, दरियार्ति करेंगे, लेकिन मामला जोखिम है।'
'क्या जोखिम है, बताओ।'