अलंकार - Alankar

की बौछार हो रही है। वह यह दृश्य देखकर विस्मित तो नहीं हुआ, वह आवेशों से वशीभूत न होता था। हां, ठिठक गया और पापनाशी को इस आत्र्कमण से बचाने की चेष्टा करने लगा।

उसने फिर कहा-'मैं मना कर रहा हूं, ठहरो, पत्थर न फेंको। यह योगी मेरा पिरय सहपाठी है। मेरे पिरय मित्र पापनाशी पर अत्याचार मत करो।'

किन्तु उसकी ललकार का कुछ असर न हुआ। जो पुरुष नैयायिकों के साथ बैठा हुआ बाल की खाल निकालने ही में कुशल हो, उसमें वह नेतृत्वशक्ति कहां


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की बौछार हो रही है। वह यह दृश्य देखकर विस्मित तो नहीं हुआ, वह आवेशों से वशीभूत न होता था। हां, ठिठक गया और पापनाशी को इस आत्र्कमण से बचाने की चेष्टा करने लगा।

उसने फिर कहा-'मैं मना कर रहा हूं, ठहरो, पत्थर न फेंको। यह योगी मेरा पिरय सहपाठी है। मेरे पिरय मित्र पापनाशी पर अत्याचार मत करो।'

किन्तु उसकी ललकार का कुछ असर न हुआ। जो पुरुष नैयायिकों के साथ बैठा हुआ बाल की खाल निकालने ही में कुशल हो, उसमें वह नेतृत्वशक्ति कहां


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