कैसे वह इस्कन्द्रिया पहुंचा और किनकिन उपायों से उसके मन में उसने परभु मसीह का अनुराग उत्पन्न किया। इसके बाद उसने परस्ताव किया कि थायस को किसी कुटी में बन्द कर दिया जाय जिससे वह एकान्त में अपने पूर्वजीवन पर विचार करे, आत्मशुद्धि के मार्ग का अवलम्बन करे।
मठ की अध्यक्षिणी इस परस्ताव से सहमत हो गयी। वह थायस को एक कुटी में ले गयी जिसे कुमारी लीटा ने अपने चरणों से पवित्र किया था और जो उसी समय से खाली पड़ी हुई थी। इस तंग कोठरी में केवल एक चारपाई,
कैसे वह इस्कन्द्रिया पहुंचा और किनकिन उपायों से उसके मन में उसने परभु मसीह का अनुराग उत्पन्न किया। इसके बाद उसने परस्ताव किया कि थायस को किसी कुटी में बन्द कर दिया जाय जिससे वह एकान्त में अपने पूर्वजीवन पर विचार करे, आत्मशुद्धि के मार्ग का अवलम्बन करे।
मठ की अध्यक्षिणी इस परस्ताव से सहमत हो गयी। वह थायस को एक कुटी में ले गयी जिसे कुमारी लीटा ने अपने चरणों से पवित्र किया था और जो उसी समय से खाली पड़ी हुई थी। इस तंग कोठरी में केवल एक चारपाई,