अलंकार - Alankar

एक मेज और एक घड़ा था, और जब थायस ने उसके अन्दर कदम रखा, तो चौखट को पार करते ही उसे कथनीय आनन्द का अनुभव हुआ।

पापनाशी ने कहा-'मैं स्वयं द्वार को बन्द करके उस पर एक मुहर लगा देना चाहता हूं, जिसे परभु मसीह स्वयं आकर अपने हाथों से तोड़ेंगे।'

वह उसी क्षण पास की जलधारा के किनारे गया, उसमें से मुट्ठी भर मिट्टी ली, उसमें अपने मुंह का थूक मिलाया और उसे द्वार के दरवाजों पर म़ दिया। तब खिड़की के पास आकर जहां थायस शान्तचित्त


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एक मेज और एक घड़ा था, और जब थायस ने उसके अन्दर कदम रखा, तो चौखट को पार करते ही उसे कथनीय आनन्द का अनुभव हुआ।

पापनाशी ने कहा-'मैं स्वयं द्वार को बन्द करके उस पर एक मुहर लगा देना चाहता हूं, जिसे परभु मसीह स्वयं आकर अपने हाथों से तोड़ेंगे।'

वह उसी क्षण पास की जलधारा के किनारे गया, उसमें से मुट्ठी भर मिट्टी ली, उसमें अपने मुंह का थूक मिलाया और उसे द्वार के दरवाजों पर म़ दिया। तब खिड़की के पास आकर जहां थायस शान्तचित्त


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