अलंकार - Alankar

क्योंकि तू ही इसका परेक्षक है। तू इस बात को नहीं भूलता कि मैंने उसे तेरे चरणों पर सर्मिपत किया है। उससे तुझे आनन्द पराप्त होता है, इसलिए उसे अपनी सेवा में रख और अपने सिवाय किसी अन्य पराणी को उसके सौन्दर्य से मुग्ध न होने दे।

उसे रात भर नींद नहीं आयी और थायस को उसने उससे भी स्पष्ट रूप में देखा जैसे परियों के कुंज में देखा था। उसने इन शब्दों में अपनी आत्मस्तुति की-मैंने जो कुछ किया है, ईश्वर ही के निमित्त किया है।

लेकिन


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क्योंकि तू ही इसका परेक्षक है। तू इस बात को नहीं भूलता कि मैंने उसे तेरे चरणों पर सर्मिपत किया है। उससे तुझे आनन्द पराप्त होता है, इसलिए उसे अपनी सेवा में रख और अपने सिवाय किसी अन्य पराणी को उसके सौन्दर्य से मुग्ध न होने दे।

उसे रात भर नींद नहीं आयी और थायस को उसने उससे भी स्पष्ट रूप में देखा जैसे परियों के कुंज में देखा था। उसने इन शब्दों में अपनी आत्मस्तुति की-मैंने जो कुछ किया है, ईश्वर ही के निमित्त किया है।

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