चैन न लेता। क्या तुम इसे अद्भुत नहीं समझते ? किसी की मनोवृत्तियों का अनुमान कर लेना कितना कठिन है और जो लोग निम्न श्रेणी में रखा जाना स्वीकार कर लेते हैं, वह वास्तव में साधु हैं, क्योंकि उनकी आत्मशुद्धि का लक्ष्य उनके सामने रहता है। वह जानते हैं कि हम किस भांति जीवन व्यतीत करने से सरल अक्षरों के अन्तर्गत हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त वरतधारियों के देखने और मनन करने योग्य और भी कितनी ही बातें हैं। मैं भिन्नभिन्न संगतों को जो नील नदी के तट पर फैली हुई हैं,
चैन न लेता। क्या तुम इसे अद्भुत नहीं समझते ? किसी की मनोवृत्तियों का अनुमान कर लेना कितना कठिन है और जो लोग निम्न श्रेणी में रखा जाना स्वीकार कर लेते हैं, वह वास्तव में साधु हैं, क्योंकि उनकी आत्मशुद्धि का लक्ष्य उनके सामने रहता है। वह जानते हैं कि हम किस भांति जीवन व्यतीत करने से सरल अक्षरों के अन्तर्गत हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त वरतधारियों के देखने और मनन करने योग्य और भी कितनी ही बातें हैं। मैं भिन्नभिन्न संगतों को जो नील नदी के तट पर फैली हुई हैं,