जब पिता एन्तोनी हमारे बीच में थे तो कहा करते थे-'बहुत वरत रखने से दुर्बलता आती है औद दुर्बलता से आलस्य पैदा होता है। कुछ ऐसे तपस्वी हैं जो कई दिनों तक लगातार अनशन वरत रख अपने शरीर को चौपट कर डालते हैं। उनके विषय में यह कहना सर्वथा सत्य है कि वह अपने ही हाथों से अपनी छाती पर कटार मार लेते हैं और अपने को किसी परकार की रुकावट के शैतान के हाथों में सौंप देते हैं।' यह उस पुनीतात्मा एन्तोनी के विचार थे ! मैं अज्ञानी मूर्ख बुड्ढा
जब पिता एन्तोनी हमारे बीच में थे तो कहा करते थे-'बहुत वरत रखने से दुर्बलता आती है औद दुर्बलता से आलस्य पैदा होता है। कुछ ऐसे तपस्वी हैं जो कई दिनों तक लगातार अनशन वरत रख अपने शरीर को चौपट कर डालते हैं। उनके विषय में यह कहना सर्वथा सत्य है कि वह अपने ही हाथों से अपनी छाती पर कटार मार लेते हैं और अपने को किसी परकार की रुकावट के शैतान के हाथों में सौंप देते हैं।' यह उस पुनीतात्मा एन्तोनी के विचार थे ! मैं अज्ञानी मूर्ख बुड्ढा