निश्चय हुआ कि यह स्वप्न मुझे ईश्वर की ओर से हुआ है। उसने अपने शिष्यों को बुलाया और उनको इन शब्दों में सम्बोधित किया-'पिरय पुत्रो, मुझे आदेश मिला है कि तुमसे फिर विदा मांगू और जहां ईश्वर ले जाये वहां जाऊं। मेरी अनुपस्थिति में लेवियन की आज्ञाओं को मेरी ही आज्ञाओं की भांति मानना और बन्धु पालम की रक्षा करते रहना। ईश्वर तुम्हें शांति दे। नमस्कार !'
जब वह चला तो उसके सभी शिष्य साष्टांग दण्डवत करने लगे और जब उन्होंने सिर उठाया तो उन्हें अपने गुरु की लस्बी,
निश्चय हुआ कि यह स्वप्न मुझे ईश्वर की ओर से हुआ है। उसने अपने शिष्यों को बुलाया और उनको इन शब्दों में सम्बोधित किया-'पिरय पुत्रो, मुझे आदेश मिला है कि तुमसे फिर विदा मांगू और जहां ईश्वर ले जाये वहां जाऊं। मेरी अनुपस्थिति में लेवियन की आज्ञाओं को मेरी ही आज्ञाओं की भांति मानना और बन्धु पालम की रक्षा करते रहना। ईश्वर तुम्हें शांति दे। नमस्कार !'
जब वह चला तो उसके सभी शिष्य साष्टांग दण्डवत करने लगे और जब उन्होंने सिर उठाया तो उन्हें अपने गुरु की लस्बी,