मिसेज़ सेवक ने आकर पूछा-सोफी, क्या सिर में दर्द इतना है कि गिरजे तक नहीं चल सकतीं?
सोफ़िया-जा क्यों नहीं सकती; पर जाना नहीं चाहती।
मिसेज़ सेवक-क्यों?
सोफ़िया-मेरी इच्छा। मैंने गिरजा जाने की प्रतिज्ञा नहीं की है।
मिसेज़ सेवक-क्या तू चाहती है कि हम कहीं मुँह दिखाने के लायक न रहें?
सोफ़िया-हरगिज नहीं, मैं सिर्फ इतना ही चाहती हूँ क आप मुझे चर्च जाने के लिए मजबूर न करें।
ईश्वर सेवक पहले ही अपने तामजान पर बैठकर
मिसेज़ सेवक ने आकर पूछा-सोफी, क्या सिर में दर्द इतना है कि गिरजे तक नहीं चल सकतीं?
सोफ़िया-जा क्यों नहीं सकती; पर जाना नहीं चाहती।
मिसेज़ सेवक-क्यों?
सोफ़िया-मेरी इच्छा। मैंने गिरजा जाने की प्रतिज्ञा नहीं की है।
मिसेज़ सेवक-क्या तू चाहती है कि हम कहीं मुँह दिखाने के लायक न रहें?
सोफ़िया-हरगिज नहीं, मैं सिर्फ इतना ही चाहती हूँ क आप मुझे चर्च जाने के लिए मजबूर न करें।
ईश्वर सेवक पहले ही अपने तामजान पर बैठकर