रंगभूमि - Rangbhumi

और सबसे बड़ी बात तो यह है कि मनुष्य विधाता के हाथों का खिलौना-मात्रा है। उसके सारे अनुमान, सारी बुध्दिमत्ताा, सारी शुभ-चिंताएँ नैसर्गिक शक्तियों के अधीन हैं। तम्बाकू की उपज बढ़ाने के लिए किसानों को पेशगी रुपये देने ही पड़ेंगे। एक रात का पाला कम्पनी के लिए घातक हो सकता है। जले हुए सिगरेट का एक टुकड़ा कारखाने को खाक में मिला सकता है। हाँ, मेरी परिमित बुध्दि की दौड़ जहाँ तक है, मैंने कोई बात बढ़ाकर नहीं कही है। आकस्मिक बाधाओं


237 of 2783

और सबसे बड़ी बात तो यह है कि मनुष्य विधाता के हाथों का खिलौना-मात्रा है। उसके सारे अनुमान, सारी बुध्दिमत्ताा, सारी शुभ-चिंताएँ नैसर्गिक शक्तियों के अधीन हैं। तम्बाकू की उपज बढ़ाने के लिए किसानों को पेशगी रुपये देने ही पड़ेंगे। एक रात का पाला कम्पनी के लिए घातक हो सकता है। जले हुए सिगरेट का एक टुकड़ा कारखाने को खाक में मिला सकता है। हाँ, मेरी परिमित बुध्दि की दौड़ जहाँ तक है, मैंने कोई बात बढ़ाकर नहीं कही है। आकस्मिक बाधाओं


237 of 2783