इस शर्त पर मैं उसे नहीं ला सकती। वह मेरे घर रहेगी, तो मेरी बात माननी पड़ेगी।
जॉन सेवक-तुम दोनों में एक का भी बुध्दि से सरोकार नहीं। तुम सिड़ी हो, वह जिद्दी है। उसे मना-मनूकर जल्दी लाना चाहिए।
प्रभु सेवक-अगर मामा अपनी बात पर अड़ी रहेंगी, तो शायद वह फिर घर न जाए।
जॉन सेवक-आखिर जाएगी कहाँ?
प्रभु सेवक-उसे कहीं जाने की जरूरत ही नहीं। रानी उस पर जान देती हैं।
जॉन सेवक-यह बेल मुँढ़े चढ़ने की नहीं है। दो में से एक को दबना पड़ेगा।
इस शर्त पर मैं उसे नहीं ला सकती। वह मेरे घर रहेगी, तो मेरी बात माननी पड़ेगी।
जॉन सेवक-तुम दोनों में एक का भी बुध्दि से सरोकार नहीं। तुम सिड़ी हो, वह जिद्दी है। उसे मना-मनूकर जल्दी लाना चाहिए।
प्रभु सेवक-अगर मामा अपनी बात पर अड़ी रहेंगी, तो शायद वह फिर घर न जाए।
जॉन सेवक-आखिर जाएगी कहाँ?
प्रभु सेवक-उसे कहीं जाने की जरूरत ही नहीं। रानी उस पर जान देती हैं।
जॉन सेवक-यह बेल मुँढ़े चढ़ने की नहीं है। दो में से एक को दबना पड़ेगा।