रंगभूमि - Rangbhumi



जॉन सेवक-यह तो मैं पहले ही समझ गया था कि तुम्हारी उनसे न पटेगी। काम की बातें न तुम्हें आती हैं, न उन्हें। तुम्हारा काम तो दूसरों में ऐब निकालना है। सोफी को क्यों नहीं लाईं?

मिसेज़ सेवक-वह आए भी तो, या जबरन घसीट लाती?

जॉन सेवक-आई नहीं या रानी ने आने नहीं दिया?

प्रभु सेवक-वह तो आने को तैयार थी, किंतु इसी शर्त पर कि मुझ पर कोई धार्मिक अत्याचार न किया जाए।

जॉन सेवक-इन्हें यह शर्त क्यों मंजूर होने लगी!

मिसेज़ सेवक-हाँ,


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जॉन सेवक-यह तो मैं पहले ही समझ गया था कि तुम्हारी उनसे न पटेगी। काम की बातें न तुम्हें आती हैं, न उन्हें। तुम्हारा काम तो दूसरों में ऐब निकालना है। सोफी को क्यों नहीं लाईं?

मिसेज़ सेवक-वह आए भी तो, या जबरन घसीट लाती?

जॉन सेवक-आई नहीं या रानी ने आने नहीं दिया?

प्रभु सेवक-वह तो आने को तैयार थी, किंतु इसी शर्त पर कि मुझ पर कोई धार्मिक अत्याचार न किया जाए।

जॉन सेवक-इन्हें यह शर्त क्यों मंजूर होने लगी!

मिसेज़ सेवक-हाँ,


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