तो सीधो हो जाओगे। मुहल्लेवालों पर भूले बैठे हो। पर देख लेना, जो कोई पास भी फटके। साहब यह जमीन लेंगे जरूर, चाहे खुशी से दो, चाहे रोकर।
सूरदास ने गर्व से उत्तर दिया-खाँ साहब, अगर जमीन जाएगी, तो इसके साथ मेरी जान भी जाएगी।
यह कहकर उसने लकड़ी सँभाली और अपने अव्े पर आ बैठा।
उधार दयागिरि ने जाकर नायकराम से यह समाचार कहा। बजरंगी भी बैठा था। यह खबर सुनते ही दोनों के होश उड़ गए। सूरदास के बल पर दोनों उछलते रहे, उस दिन ताहिर अली से कैसी बातें कीं,
तो सीधो हो जाओगे। मुहल्लेवालों पर भूले बैठे हो। पर देख लेना, जो कोई पास भी फटके। साहब यह जमीन लेंगे जरूर, चाहे खुशी से दो, चाहे रोकर।
सूरदास ने गर्व से उत्तर दिया-खाँ साहब, अगर जमीन जाएगी, तो इसके साथ मेरी जान भी जाएगी।
यह कहकर उसने लकड़ी सँभाली और अपने अव्े पर आ बैठा।
उधार दयागिरि ने जाकर नायकराम से यह समाचार कहा। बजरंगी भी बैठा था। यह खबर सुनते ही दोनों के होश उड़ गए। सूरदास के बल पर दोनों उछलते रहे, उस दिन ताहिर अली से कैसी बातें कीं,