रंगभूमि - Rangbhumi



ताहिर अली को भय ने परास्त कर दिया। स्वामिभक्ति औरर् कर्तव्‍य-पालन का भाव ईश्वरीय कोप का प्रतिकार न कर सका।


अध्याय 5

चतारी के राजा महेंद्रकुमार सिंह यौवनावस्था ही में अपनी कार्य-दक्षता और वंश प्रतिष्ठा के कारण म्युनिसिपैलिटी के प्रधान निर्वाचित हो गए थे। विचारशीलता उनके चरित्र का दिव्य गुण थी। रईसों की विलास-लोलुपता और सम्मान-प्रेम का उनके स्वभाव में लेश भी न था। बहुत ही सादे वस्त्र पहनते, ठाठ-बाट से घृणा थी और व्यसन तो उन्हें छू तक न गया था। घुड़दौड़,


319 of 2783



ताहिर अली को भय ने परास्त कर दिया। स्वामिभक्ति औरर् कर्तव्‍य-पालन का भाव ईश्वरीय कोप का प्रतिकार न कर सका।


अध्याय 5

चतारी के राजा महेंद्रकुमार सिंह यौवनावस्था ही में अपनी कार्य-दक्षता और वंश प्रतिष्ठा के कारण म्युनिसिपैलिटी के प्रधान निर्वाचित हो गए थे। विचारशीलता उनके चरित्र का दिव्य गुण थी। रईसों की विलास-लोलुपता और सम्मान-प्रेम का उनके स्वभाव में लेश भी न था। बहुत ही सादे वस्त्र पहनते, ठाठ-बाट से घृणा थी और व्यसन तो उन्हें छू तक न गया था। घुड़दौड़,


319 of 2783