कि कह दे-प्याज नहीं है। दौड़ी हुई कुँजड़े की दूकान पर गई। कुँजड़ा दूकान बंद कर चुका था। सुभागी ने बहुत चिरौरी की, पर उसने दूकान न खोली। विवश होकर उसने भूने हुए मटर लाकर भैरों के सामने रख दिए। भैरों ने प्याज न देखा, तो तेवर बदले। बोला-क्या मुझे बैल समझती है कि भुने हुए मटर लाकर रख दिए, प्याज क्यों नहीं लाई?
सुभागी ने कहा-प्याज घर में नहीं है, तो क्या मैं प्याज हो जाऊँ?
जगधार-प्याज के बिना मटर क्या अच्छे लगेंगे?
बुढ़िया-प्याज
कि कह दे-प्याज नहीं है। दौड़ी हुई कुँजड़े की दूकान पर गई। कुँजड़ा दूकान बंद कर चुका था। सुभागी ने बहुत चिरौरी की, पर उसने दूकान न खोली। विवश होकर उसने भूने हुए मटर लाकर भैरों के सामने रख दिए। भैरों ने प्याज न देखा, तो तेवर बदले। बोला-क्या मुझे बैल समझती है कि भुने हुए मटर लाकर रख दिए, प्याज क्यों नहीं लाई?
सुभागी ने कहा-प्याज घर में नहीं है, तो क्या मैं प्याज हो जाऊँ?
जगधार-प्याज के बिना मटर क्या अच्छे लगेंगे?
बुढ़िया-प्याज