भैरों-यहाँ ऐसी धमकियों की परवा नहीं है। सबूत क्या है कि मैंने लगाई?
जगधार-सच कहो, तुम्हीं ने लगाई?
भैरों-हाँ, चुपके से एक दियासलाई लगा दी।
जगधार-मैं कुछ-कुछ पहले ही समझ गया था; पर यह तुमने बुरा किया। झोंपड़ी जलाने से क्या मिला? दो-चार दिन में फिर दूसरी झोंपड़ी तैयार हो जाएगी।
भैरों-कुछ हो, दिल की आग तो ठंडी हो गई! यह देखो!
यह कहकर उसने एक थैली दिखाई, जिसका रंग धुएँ से काला हो गया था। जगधार ने उत्सुक होकर पूछा-इसमें
भैरों-यहाँ ऐसी धमकियों की परवा नहीं है। सबूत क्या है कि मैंने लगाई?
जगधार-सच कहो, तुम्हीं ने लगाई?
भैरों-हाँ, चुपके से एक दियासलाई लगा दी।
जगधार-मैं कुछ-कुछ पहले ही समझ गया था; पर यह तुमने बुरा किया। झोंपड़ी जलाने से क्या मिला? दो-चार दिन में फिर दूसरी झोंपड़ी तैयार हो जाएगी।
भैरों-कुछ हो, दिल की आग तो ठंडी हो गई! यह देखो!
यह कहकर उसने एक थैली दिखाई, जिसका रंग धुएँ से काला हो गया था। जगधार ने उत्सुक होकर पूछा-इसमें