जगधार-वह कभी न कहेगा। कोई गला भी काट ले, तो शिकायत न करेगा।
प्रभुसेवक-तब तो वास्तव में कोई महापुरुष है। कुछ पता न चला, किसने झोंपड़े में आग लगाई थी?
जगधार-सब मालूम हो गया, हुजूर, पर किया क्या जाए। कितना कहा गया कि उस पर थाने में रपट कर दे, मुआ कहता है, कौन किसी को फँसाए! जो कुछ भाग में लिखा था, वह हुआ। हुजूर, सारी करतूत इसी भैरों ताड़ीवाले की है।
प्रभु सेवक-कैसे मालूम हुआ? किसी ने उसे आग लगाते देखा?
जगधार-हुजूर,
जगधार-वह कभी न कहेगा। कोई गला भी काट ले, तो शिकायत न करेगा।
प्रभुसेवक-तब तो वास्तव में कोई महापुरुष है। कुछ पता न चला, किसने झोंपड़े में आग लगाई थी?
जगधार-सब मालूम हो गया, हुजूर, पर किया क्या जाए। कितना कहा गया कि उस पर थाने में रपट कर दे, मुआ कहता है, कौन किसी को फँसाए! जो कुछ भाग में लिखा था, वह हुआ। हुजूर, सारी करतूत इसी भैरों ताड़ीवाले की है।
प्रभु सेवक-कैसे मालूम हुआ? किसी ने उसे आग लगाते देखा?
जगधार-हुजूर,