और मिसेज़ सेवक तथा मिस सोफ़िया सेवक को उसमें सम्मिलित होने के लिए निमंत्रित किया था। साथ ही मिसेज़ सेवक से विशेष अनुरोध भी किया था कि सोफ़िया को एक सप्ताह के लिए अवश्य बुला लीजिए।
चपरासी के चले जाने के बाद मिसेज़ सेवक ने कहा-सोफी के लिए यह स्वर्ण-संयोग है।
जॉन सेवक-हाँ, है तो; पर वह आएगी कैसे?
मिसेज़ सेवक-उसके पास यह पत्र भेज दूँ?
जॉन सेवक-सोफी इसे खोलकर देखेगी भी नहीं। उसे जाकर लिवा क्यों न हीं लातीं?
मिसेज़ सेवक-वह तो आती ही नहीं।
और मिसेज़ सेवक तथा मिस सोफ़िया सेवक को उसमें सम्मिलित होने के लिए निमंत्रित किया था। साथ ही मिसेज़ सेवक से विशेष अनुरोध भी किया था कि सोफ़िया को एक सप्ताह के लिए अवश्य बुला लीजिए।
चपरासी के चले जाने के बाद मिसेज़ सेवक ने कहा-सोफी के लिए यह स्वर्ण-संयोग है।
जॉन सेवक-हाँ, है तो; पर वह आएगी कैसे?
मिसेज़ सेवक-उसके पास यह पत्र भेज दूँ?
जॉन सेवक-सोफी इसे खोलकर देखेगी भी नहीं। उसे जाकर लिवा क्यों न हीं लातीं?
मिसेज़ सेवक-वह तो आती ही नहीं।