रंगभूमि - Rangbhumi



जॉन सेवक-तुमने कभी बुलाया ही नहीं, आती क्योंकर?

मिसेज़ सेवक-वह आने के लिए कैसी शर्त लगाती है!

जॉन सेवक-अगर उसकी भलाई चाहती हो, तो अपनी शर्तों को तोड़ दो।

मिसेज़ सेवक-वह गिरजा न जाए, तो भी जबान न खोलूँ?

जॉन सेवक-हजारों ईसाई कभी गिरजा नहीं जाते, और अंगरेज तो बहुत कम आते हैं।

मिसेज़ सेवक-प्रभु मसीह की निंदा करे, तो भी चुप रहूँ?

जॉन सेवक-वह मसीह की निंदा नहीं करती, और न कर सकती है। जिसे ईश्वर ने जरा भी बुध्दि दी है,


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जॉन सेवक-तुमने कभी बुलाया ही नहीं, आती क्योंकर?

मिसेज़ सेवक-वह आने के लिए कैसी शर्त लगाती है!

जॉन सेवक-अगर उसकी भलाई चाहती हो, तो अपनी शर्तों को तोड़ दो।

मिसेज़ सेवक-वह गिरजा न जाए, तो भी जबान न खोलूँ?

जॉन सेवक-हजारों ईसाई कभी गिरजा नहीं जाते, और अंगरेज तो बहुत कम आते हैं।

मिसेज़ सेवक-प्रभु मसीह की निंदा करे, तो भी चुप रहूँ?

जॉन सेवक-वह मसीह की निंदा नहीं करती, और न कर सकती है। जिसे ईश्वर ने जरा भी बुध्दि दी है,


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