बजरंगी-अब तक किसी ने ये सब बातें इतनी सफाई से न समझाई थीं। कारखाने से सारे मुहल्ले का, सारे शहर का फायदा है। मजूरों की मजूरी बढ़ेगी, दूकानदारों की बिक्री बढ़ेगी। तो अब हमें तो झगड़ा नहीं है। तुमको भी हम यही सलाह देते हैं कि अच्छे दाम मिल रहे हैं, जमीन दे डालो। यों न दोगे, तो जाबते से ले ली जाएगी। इससे क्या फायदा?
सूरदास-अधर्म और अविचार कितना बढ़ जाएगा, यह भी मालूम है?
बजरंगी-धान से तो अधर्म होता ही है, पर धान को कोई छोड़ नहीं देता।
बजरंगी-अब तक किसी ने ये सब बातें इतनी सफाई से न समझाई थीं। कारखाने से सारे मुहल्ले का, सारे शहर का फायदा है। मजूरों की मजूरी बढ़ेगी, दूकानदारों की बिक्री बढ़ेगी। तो अब हमें तो झगड़ा नहीं है। तुमको भी हम यही सलाह देते हैं कि अच्छे दाम मिल रहे हैं, जमीन दे डालो। यों न दोगे, तो जाबते से ले ली जाएगी। इससे क्या फायदा?
सूरदास-अधर्म और अविचार कितना बढ़ जाएगा, यह भी मालूम है?
बजरंगी-धान से तो अधर्म होता ही है, पर धान को कोई छोड़ नहीं देता।