इसी से तो उसे घमंड हो गया है।
यह कहकर बजरंगी ने जॉन सेवक की सारी आयोजनाएँ कुछ बढ़ा-घटाकर बयान कर दीं और बोला बताओ, जब कारखाने से सबका फायदा है, तो हम साहब से क्यों लड़ें?
सूरदास-तुम्हें विश्वास हो गया कि सबका फायदा होगा?
बजरंगी-हाँ, हो गया। मानने-लायक बात होती है, तो मानी ही जाती है।
सूरदास-कल तो तुम लोग जमीन के पीछे जान देने पर तैयार थे, मुझ पर संदेह कर रहे थे कि मैंने साहब से मेल कर लिया, आज साहब के एक ही चकमे में पानी हो गए?
इसी से तो उसे घमंड हो गया है।
यह कहकर बजरंगी ने जॉन सेवक की सारी आयोजनाएँ कुछ बढ़ा-घटाकर बयान कर दीं और बोला बताओ, जब कारखाने से सबका फायदा है, तो हम साहब से क्यों लड़ें?
सूरदास-तुम्हें विश्वास हो गया कि सबका फायदा होगा?
बजरंगी-हाँ, हो गया। मानने-लायक बात होती है, तो मानी ही जाती है।
सूरदास-कल तो तुम लोग जमीन के पीछे जान देने पर तैयार थे, मुझ पर संदेह कर रहे थे कि मैंने साहब से मेल कर लिया, आज साहब के एक ही चकमे में पानी हो गए?