और अगर आई भी हैं तो अधिकतर अंगरेजों ही के लाभ के लिए।
मिसेज़ सेवक-ठीक है, ऐसा न्याय-विधान पहले कभी न था।
कुँवर साहब-ठीक है, ऐसा न्याय-विधान कहाँ था, जो अन्याय को न्याय और असत्य को सत्य सिध्द कर दे! यह न्याय नहीं, न्याय का गोरखधंधा है।
सहसा रानी जाह्नवी कमरे में आईं। सोफ़िया का चेहरा उन्हें देखते ही सूख गया, वह कमरे के बाहर निकल आई, रानी के सामने खड़ी न रह सकी। मिसेज़ सेवक को भी शंका हुई कि कहीं चलते-चलते रानी से
और अगर आई भी हैं तो अधिकतर अंगरेजों ही के लाभ के लिए।
मिसेज़ सेवक-ठीक है, ऐसा न्याय-विधान पहले कभी न था।
कुँवर साहब-ठीक है, ऐसा न्याय-विधान कहाँ था, जो अन्याय को न्याय और असत्य को सत्य सिध्द कर दे! यह न्याय नहीं, न्याय का गोरखधंधा है।
सहसा रानी जाह्नवी कमरे में आईं। सोफ़िया का चेहरा उन्हें देखते ही सूख गया, वह कमरे के बाहर निकल आई, रानी के सामने खड़ी न रह सकी। मिसेज़ सेवक को भी शंका हुई कि कहीं चलते-चलते रानी से