रंगभूमि - Rangbhumi



ताहिर-मैं तुमसे थोड़े ही पूछता हूँ। तुम उस जमीन के मालिक-मुख्तार नहीं हो।

बजरंगी-कह तो दिया, वह जमीन न बिकेगी, मालिक-मुख्तार कोई हो।

ताहिर-आइए पंडाजी, आइए, इन्हें बकने दीजिए।

नायकराम-आपको जो कुछ कहना हो कहिए; ये सब लोग अपने ही हैं, किसी से परदा नहीं है। सुनेंगे, तो सब सुनेंगे, और जो बात तय होगी, सबकी सलाह से होगी। कहिए, क्या कहते हैं?

ताहिर-उसी जमीन के बारे में बातचीत करनी थी।

नायकराम-तो उस जमीन का मालिक तो आपके सामने बैठा हुआ है। जो कुछ कहना है,


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ताहिर-मैं तुमसे थोड़े ही पूछता हूँ। तुम उस जमीन के मालिक-मुख्तार नहीं हो।

बजरंगी-कह तो दिया, वह जमीन न बिकेगी, मालिक-मुख्तार कोई हो।

ताहिर-आइए पंडाजी, आइए, इन्हें बकने दीजिए।

नायकराम-आपको जो कुछ कहना हो कहिए; ये सब लोग अपने ही हैं, किसी से परदा नहीं है। सुनेंगे, तो सब सुनेंगे, और जो बात तय होगी, सबकी सलाह से होगी। कहिए, क्या कहते हैं?

ताहिर-उसी जमीन के बारे में बातचीत करनी थी।

नायकराम-तो उस जमीन का मालिक तो आपके सामने बैठा हुआ है। जो कुछ कहना है,


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