में आई। सवारों ने चौंककर एक-दूसरे की तरफ देखा और एक तरफ घोड़े छोड़ दिए। दम-के-दम में घोड़े पहाड़ों में जाकर गायब हो गए। विनय की समझ में कुछ न आया कि बंदूक की आवाज कहाँ से आई और पाँचों सवार क्यों भागे। डाकिए से पूछा-ये सब किधार जा रहे हैं?
डाकिया-बंदूक की आवाज ने किसी शिकार की खबर दी होगी, उसी तरफ गए हैं। आज किसी सरकारी नौकर की जान पर जरूर बनेगी।
विनय-अगर यहाँ के कर्मचारियों का यही हाल है, जैसा इन्होंने बयान किया तो मुझे बहुत जल्द महाराज की सेवा में जाना पड़ेगा।
में आई। सवारों ने चौंककर एक-दूसरे की तरफ देखा और एक तरफ घोड़े छोड़ दिए। दम-के-दम में घोड़े पहाड़ों में जाकर गायब हो गए। विनय की समझ में कुछ न आया कि बंदूक की आवाज कहाँ से आई और पाँचों सवार क्यों भागे। डाकिए से पूछा-ये सब किधार जा रहे हैं?
डाकिया-बंदूक की आवाज ने किसी शिकार की खबर दी होगी, उसी तरफ गए हैं। आज किसी सरकारी नौकर की जान पर जरूर बनेगी।
विनय-अगर यहाँ के कर्मचारियों का यही हाल है, जैसा इन्होंने बयान किया तो मुझे बहुत जल्द महाराज की सेवा में जाना पड़ेगा।