जाती। छिटपुट अपकार के व्यक्तिगत वनज का दुरूपयोेग करते हुए भी नहीं हुआ। इस छिटपुट अपकार का एक उदाहरण हमें स्वयं सुलझाना पड़ा। उसका विवरण आगे आएगा। परंतु अंदमान के हिंदू बंदियों को डांट-डपट से, घूसखोरी से अथवा सतत उपदेश का झंझट लगाकर ईसाई बनाने के उदाहरण चैदह बरसों के हमारे अनुभवों में चार भी नहीं है।
अंदमान में हिंदू बंदीवान जिस ईसाई शासन के हत्थे पड़े थे, उस प्रशासन द्वारा उन पर अपना धर्म थोपने का किसी भी प्रकार का अन्याययुक्त
जाती। छिटपुट अपकार के व्यक्तिगत वनज का दुरूपयोेग करते हुए भी नहीं हुआ। इस छिटपुट अपकार का एक उदाहरण हमें स्वयं सुलझाना पड़ा। उसका विवरण आगे आएगा। परंतु अंदमान के हिंदू बंदियों को डांट-डपट से, घूसखोरी से अथवा सतत उपदेश का झंझट लगाकर ईसाई बनाने के उदाहरण चैदह बरसों के हमारे अनुभवों में चार भी नहीं है।
अंदमान में हिंदू बंदीवान जिस ईसाई शासन के हत्थे पड़े थे, उस प्रशासन द्वारा उन पर अपना धर्म थोपने का किसी भी प्रकार का अन्याययुक्त