धोखे में लानेवाले हसन निजामी के ज्ञात जाल से कारा-संस्था की इस अदृश्य मस्जिद का वह अज्ञात जाल कम भयंकर नहीं है, जो हजारों हिंदुओं को सहज ही आज तक धर्मभ्रष्ट करता आया है।
बंबई आदि नगरांे के मुसलमानी चोर-अड्डों में यह विधि अपनाई जाती है-कारा-संस्था स्थित इस मुसलमानी भ्रष्टीकरण की कोई संगठित योजना नहीं है। उसके कोई अधिकृत चालक अथवा प्रेरक भी नहीं हैं। प्रत्येक मुसलमान को बचपन से ही यह मंत्र घुट्टी में पिलाया जाता है कि तुम आधा-पूरा जैसा भी हो,
धोखे में लानेवाले हसन निजामी के ज्ञात जाल से कारा-संस्था की इस अदृश्य मस्जिद का वह अज्ञात जाल कम भयंकर नहीं है, जो हजारों हिंदुओं को सहज ही आज तक धर्मभ्रष्ट करता आया है।
बंबई आदि नगरांे के मुसलमानी चोर-अड्डों में यह विधि अपनाई जाती है-कारा-संस्था स्थित इस मुसलमानी भ्रष्टीकरण की कोई संगठित योजना नहीं है। उसके कोई अधिकृत चालक अथवा प्रेरक भी नहीं हैं। प्रत्येक मुसलमान को बचपन से ही यह मंत्र घुट्टी में पिलाया जाता है कि तुम आधा-पूरा जैसा भी हो,