भी प्रायः सभी कारागारों में हिंदू बंदियों अधिकारियों द्वारा मुसलमानों बनाए जाने का कार्य होता रहता है। चैदह वर्षों के अनुभवों और इस मसले पर नियंत्रण करने का अटूट प्रयास करते समय बिल्कुल बारीकी से पूरी जानकारी प्राप्त कर लेने के पश्चात् हम यह स्पष्ट विधान करते हैं कि कारा-संस्था की यह मस्जिद हिंदुओं को प्रतिवर्ष जितना धर्मभ्रष्ट करती है, उतना दिल्ली अथवा बंबई की जामा मस्जिद भी नहीं करती।
संगठित प्रयासों से हिंदुओं को
भी प्रायः सभी कारागारों में हिंदू बंदियों अधिकारियों द्वारा मुसलमानों बनाए जाने का कार्य होता रहता है। चैदह वर्षों के अनुभवों और इस मसले पर नियंत्रण करने का अटूट प्रयास करते समय बिल्कुल बारीकी से पूरी जानकारी प्राप्त कर लेने के पश्चात् हम यह स्पष्ट विधान करते हैं कि कारा-संस्था की यह मस्जिद हिंदुओं को प्रतिवर्ष जितना धर्मभ्रष्ट करती है, उतना दिल्ली अथवा बंबई की जामा मस्जिद भी नहीं करती।
संगठित प्रयासों से हिंदुओं को