अथवा जो मुसलमान चोरों के अड्डों में बरामद न होकर हिंदुओं के चोर-अड्डों में बरामद होते हैं अथवा अन्य अपराधार्थ खेती-बाड़ी के झगड़ों, मारपीट आदि में दंडित होते हैं। उनमें भी पच्चीस बरस के अंदर के तथा किशोर-वयस्क बालक ही अधिक संख्या में धर्मभ्रष्ट होते हैं। ऊपरी विवरण के अनुसार बंबई के अड्डों के महंतों में जो मुसलमान महंत अंत में दंड विधान (क्रिमिनल लाॅ) की कैंची में फंसकर कारागृह में आते हैं, वे बंदीशाला में
भी इस तरह
अथवा जो मुसलमान चोरों के अड्डों में बरामद न होकर हिंदुओं के चोर-अड्डों में बरामद होते हैं अथवा अन्य अपराधार्थ खेती-बाड़ी के झगड़ों, मारपीट आदि में दंडित होते हैं। उनमें भी पच्चीस बरस के अंदर के तथा किशोर-वयस्क बालक ही अधिक संख्या में धर्मभ्रष्ट होते हैं। ऊपरी विवरण के अनुसार बंबई के अड्डों के महंतों में जो मुसलमान महंत अंत में दंड विधान (क्रिमिनल लाॅ) की कैंची में फंसकर कारागृह में आते हैं, वे बंदीशाला में
भी इस तरह