वे नब्बे प्रतिशत हिंदुओं को डांट-डपट आदि संभव उपायों से धर्मभ्रष्ट करने में रत्ती भर भी कसर नहीं छोड़ते।
हिंदुस्थान स्थित प्रायः सभी कारागृहों में जब यही स्थिति पाई जाती है तो अंदमान की तो पूछिए ही नहीं। उधर तो पहले से ही धर्मांध और पापपरायण पठान, बलूची आदि मुसलमान बंदियों में से वाॅर्डर आदि अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। उनमें भी राजनीतिक बंदियों में से वाॅर्डर आदि अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। उनमें भी राजनीतिक दंडित
वे नब्बे प्रतिशत हिंदुओं को डांट-डपट आदि संभव उपायों से धर्मभ्रष्ट करने में रत्ती भर भी कसर नहीं छोड़ते।
हिंदुस्थान स्थित प्रायः सभी कारागृहों में जब यही स्थिति पाई जाती है तो अंदमान की तो पूछिए ही नहीं। उधर तो पहले से ही धर्मांध और पापपरायण पठान, बलूची आदि मुसलमान बंदियों में से वाॅर्डर आदि अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। उनमें भी राजनीतिक बंदियों में से वाॅर्डर आदि अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। उनमें भी राजनीतिक दंडित