संशयित रोगी के नाते छोड़ने जा रहा हूं।’’ ‘‘पर मुझसे क्यों नहीं पूछा? कौन है यह डाॅक्टर बाबू ए साला, वे साला।’’ कहते हुए उसने हंगामा करके पूरा बंदीगृह सिर पर उठा लिया। ‘‘ ले जाओ इसे वापस। काम पर लगा दो साले को। देख लेता हूं उस डाॅक्टर को और तुझे भी, साला तुम-मुझसे पूछ बगैर इसको कोठरी से बाहर क्यांे निकाला? डाॅक्टर की आज्ञा या मेरी?’’ इस तरह जोर-जोर से गरजते हुए उसने उस जमादार से गणेश दादा को कोठरी में बंद कराया और कोल्हू
संशयित रोगी के नाते छोड़ने जा रहा हूं।’’ ‘‘पर मुझसे क्यों नहीं पूछा? कौन है यह डाॅक्टर बाबू ए साला, वे साला।’’ कहते हुए उसने हंगामा करके पूरा बंदीगृह सिर पर उठा लिया। ‘‘ ले जाओ इसे वापस। काम पर लगा दो साले को। देख लेता हूं उस डाॅक्टर को और तुझे भी, साला तुम-मुझसे पूछ बगैर इसको कोठरी से बाहर क्यांे निकाला? डाॅक्टर की आज्ञा या मेरी?’’ इस तरह जोर-जोर से गरजते हुए उसने उस जमादार से गणेश दादा को कोठरी में बंद कराया और कोल्हू