में जोत दिया। डाॅक्टर का अधिकार बारी के अर्थात् बंदीपाल के अधिकार के निम्न स्ािान पर नहीं होता, वह केवल सुपरिटेंडेंट के अधिकार के नीचे आता है। परंतु सभी हिंदू तथा भारतीय अधिकारियों का जी-जान से यही प्रयास रहता कि राजबंदियों से संबंधित कोई भी उलाहना, शिकायत सुपरिटेंडेंट तक न पहंुचे। एतदर्थ बारी से डरकर उस डाॅक्टर ने अपने अपमान का कड़वा घूंट तो पी लिया और बारी से क्षमा मांगकर पुनः कभी किसी बंदीवान को सुपरिटेंडेंट की अनुमति
में जोत दिया। डाॅक्टर का अधिकार बारी के अर्थात् बंदीपाल के अधिकार के निम्न स्ािान पर नहीं होता, वह केवल सुपरिटेंडेंट के अधिकार के नीचे आता है। परंतु सभी हिंदू तथा भारतीय अधिकारियों का जी-जान से यही प्रयास रहता कि राजबंदियों से संबंधित कोई भी उलाहना, शिकायत सुपरिटेंडेंट तक न पहंुचे। एतदर्थ बारी से डरकर उस डाॅक्टर ने अपने अपमान का कड़वा घूंट तो पी लिया और बारी से क्षमा मांगकर पुनः कभी किसी बंदीवान को सुपरिटेंडेंट की अनुमति