जैसे भूचाल आया हो या जैसे कोई पहाड़ टूट पड़ा हो। सारे घबराए, परंतु वे उसी तरह इत्मीनान के साथ भोजन करते रहे। बारी ताव खाते हुए झल्लाया, ‘‘सारे बंदी काम पर चले गए। तू बाजीराव है क्या, जो अभी तक भोजन कर रहा है? काम कौन पूरा करेगा? याद रख, हड्डी नरम कर दूंगा।’’ श्रीमानजी कौर चबाते मुस्करते हुए कहने लगे, ‘‘मैं क्या यूं ही हाथ पर हाथ धरे निठल्ला बैठा हूं? वैद्यकीय शास्त्र के अनुसार प्रत्येक ग्रास कम-से-कम दस बार चबाना चाहिए।
जैसे भूचाल आया हो या जैसे कोई पहाड़ टूट पड़ा हो। सारे घबराए, परंतु वे उसी तरह इत्मीनान के साथ भोजन करते रहे। बारी ताव खाते हुए झल्लाया, ‘‘सारे बंदी काम पर चले गए। तू बाजीराव है क्या, जो अभी तक भोजन कर रहा है? काम कौन पूरा करेगा? याद रख, हड्डी नरम कर दूंगा।’’ श्रीमानजी कौर चबाते मुस्करते हुए कहने लगे, ‘‘मैं क्या यूं ही हाथ पर हाथ धरे निठल्ला बैठा हूं? वैद्यकीय शास्त्र के अनुसार प्रत्येक ग्रास कम-से-कम दस बार चबाना चाहिए।