हो गए। जमादार का पारा चढ़ गया। परंतु कोठरी खोलकर श्रीमान ने तेल का आधा कोटा-पदं्रह पौंड पूरा किया। वास्तव में दिन भर कलेजा तोड़कर परिश्रम करने पर भी अन्य कैदियों से इतना तेल निकालना असंभव था, परंतु श्रीमानजी का शरीर हट्टा-कट्ट, सुदृढ़ था। पाठकों ने इस झलकी से भांप लिया होगा कि इनका मन कैसा था। अंत में उन्हें काम कम करने के लिए दंड दिया गया, कम भोजन दिया गया। आखिर सुपरिटेंडेंट ने यह अनुबंध किया कि तीन दिन पूरा काम करेंगे
हो गए। जमादार का पारा चढ़ गया। परंतु कोठरी खोलकर श्रीमान ने तेल का आधा कोटा-पदं्रह पौंड पूरा किया। वास्तव में दिन भर कलेजा तोड़कर परिश्रम करने पर भी अन्य कैदियों से इतना तेल निकालना असंभव था, परंतु श्रीमानजी का शरीर हट्टा-कट्ट, सुदृढ़ था। पाठकों ने इस झलकी से भांप लिया होगा कि इनका मन कैसा था। अंत में उन्हें काम कम करने के लिए दंड दिया गया, कम भोजन दिया गया। आखिर सुपरिटेंडेंट ने यह अनुबंध किया कि तीन दिन पूरा काम करेंगे