कार्य पर लगाऊं तो अन्य बंदियों की दृष्टि में पक्षपाती होकर दोषी नहीं कहलाऊंगा?
पापभीरू बारी साहब
परंतु यही बारी साहब यदि उनका मन करे तो जिन बंदियों के लिए काला अक्षर भैंस बराबर है, उन्हें कचहरी में, अपनी कोठी पर भी आराम के काम दे देेते, भले ही वे डाकू क्यों न हों। इतना ही नहीं, इन राजबंदियों में भ्ज्ञी जो उनके पिछलग्गू थे और हां जी, हां जी करते थे, उनके केवल हाथ पर हाथ धरे निठल्ले बैठने की गुपचुप आज्ञा भी बारी साहब
कार्य पर लगाऊं तो अन्य बंदियों की दृष्टि में पक्षपाती होकर दोषी नहीं कहलाऊंगा?
पापभीरू बारी साहब
परंतु यही बारी साहब यदि उनका मन करे तो जिन बंदियों के लिए काला अक्षर भैंस बराबर है, उन्हें कचहरी में, अपनी कोठी पर भी आराम के काम दे देेते, भले ही वे डाकू क्यों न हों। इतना ही नहीं, इन राजबंदियों में भ्ज्ञी जो उनके पिछलग्गू थे और हां जी, हां जी करते थे, उनके केवल हाथ पर हाथ धरे निठल्ले बैठने की गुपचुप आज्ञा भी बारी साहब