दे देते थे। इसमें उन्हें पक्षपात का रत्ती भर भी भय नहीं लगता। बारी साहब की पक्षपात की व्याख्या थी कि जिसके योग से उनके पक्ष का पात अर्थात् पतन होने की आशंका होती, उसे पक्षपात कहा जाता था।
जिस समय मैं जेल में पहुंचा था उस समय तक के राजबंदियों के कच्चे चिट्ठे का सारांश ऊपर दिया गया है। सारा वृत्तांत मेरे आने के महीने भर के अंदर-बाहर ही मुझे सूचित किया गया। राजबंदियों में कुछ लोग सच्चे मन से हड़ताल नीति के विरूद्व थे। कुछ
दे देते थे। इसमें उन्हें पक्षपात का रत्ती भर भी भय नहीं लगता। बारी साहब की पक्षपात की व्याख्या थी कि जिसके योग से उनके पक्ष का पात अर्थात् पतन होने की आशंका होती, उसे पक्षपात कहा जाता था।
जिस समय मैं जेल में पहुंचा था उस समय तक के राजबंदियों के कच्चे चिट्ठे का सारांश ऊपर दिया गया है। सारा वृत्तांत मेरे आने के महीने भर के अंदर-बाहर ही मुझे सूचित किया गया। राजबंदियों में कुछ लोग सच्चे मन से हड़ताल नीति के विरूद्व थे। कुछ