मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

लोगों ने ‘बारी वाक्य प्रमाण’ का व्रत स्वीकार किया हुआ था। उनके द्वारा राजबंदियों में फूट की तथा उन लोगों की, जिन्हांेने अधिकारियों की गाली पर गाली, उद्वत व्यवहार पर उद्वत व्यवहार, इस तरह ईंट का जवाब पत्थर से देना आरंभ किया है, यह कितनी बर्बरता, असभ्यता है, आदि बातें करना आरंभ किया। अर्थात् इस विषय पर मेरा


अभिप्राय जानने के लिए राजबंदी ही नहीं अपितु बारी का भी एड़ी-चोटी एक करना स्वाभाविक था। लगभग दस-पंद्रह दिनों तक मुझे


497 of 2228

लोगों ने ‘बारी वाक्य प्रमाण’ का व्रत स्वीकार किया हुआ था। उनके द्वारा राजबंदियों में फूट की तथा उन लोगों की, जिन्हांेने अधिकारियों की गाली पर गाली, उद्वत व्यवहार पर उद्वत व्यवहार, इस तरह ईंट का जवाब पत्थर से देना आरंभ किया है, यह कितनी बर्बरता, असभ्यता है, आदि बातें करना आरंभ किया। अर्थात् इस विषय पर मेरा


अभिप्राय जानने के लिए राजबंदी ही नहीं अपितु बारी का भी एड़ी-चोटी एक करना स्वाभाविक था। लगभग दस-पंद्रह दिनों तक मुझे


497 of 2228