मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

ऊपर ही बंद रखने के बाद नीचे की इमारत में दिन में काम करने के लिए लाया गया और प्रथमतः मुझे पूर्ववर्णित छिलका कूटने का काम दिया गया। वास्तव में छिलका देा अथवा डेढ़ पौंड दिया जाता था। परंतु प्रथमतः मुझे एक पौंड दिया गया। बारी ने मेरी योग्यता पर एक चाशनी में पगा भाषण देते हुए कहा- यह मुझ पर विशेष कृपा है। यद्यपि यह दयाशीलता है तथापि उस दया, करूणा में इतनी मृदुता असंभव है जो मेरे हाथों में उन सूखी-रूखी जटाएं मखमल जैसी नरम मुलायम बन जाएं। उन्हें कूट-कूटकर मेरे हाथ छिल गए,


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ऊपर ही बंद रखने के बाद नीचे की इमारत में दिन में काम करने के लिए लाया गया और प्रथमतः मुझे पूर्ववर्णित छिलका कूटने का काम दिया गया। वास्तव में छिलका देा अथवा डेढ़ पौंड दिया जाता था। परंतु प्रथमतः मुझे एक पौंड दिया गया। बारी ने मेरी योग्यता पर एक चाशनी में पगा भाषण देते हुए कहा- यह मुझ पर विशेष कृपा है। यद्यपि यह दयाशीलता है तथापि उस दया, करूणा में इतनी मृदुता असंभव है जो मेरे हाथों में उन सूखी-रूखी जटाएं मखमल जैसी नरम मुलायम बन जाएं। उन्हें कूट-कूटकर मेरे हाथ छिल गए,


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