था। उन्होंने पूरी तरह से स्नान नहीं किया था। उनके कपड़े तथा शरीर कीचड़ भरी टोकरियां ढो-ढोकर गंदे, मैले-कुचैले हो गए थे। उन्हंे वैसे ही खड़ा किया गया। इतने में बारी साहब वहां पधारे और मेरी ओर उद्दंडतापूर्वक पीठ करके तैश में सोटी पटकते हुए उस टोली पर बरस पड़े, ‘‘क्यों वे साले, आज तुमने कीचड़ भरी उतनी टोकरियां क्यों नहीं फंेकी जितनी जमादार ने फंेकने के लिए कहा था? याद रखो, तुम्हारी हड्डी-हड्डी तोड़ डालूंगा। हां, देखो जमादार, आज दोपहर में भी ये
था। उन्होंने पूरी तरह से स्नान नहीं किया था। उनके कपड़े तथा शरीर कीचड़ भरी टोकरियां ढो-ढोकर गंदे, मैले-कुचैले हो गए थे। उन्हंे वैसे ही खड़ा किया गया। इतने में बारी साहब वहां पधारे और मेरी ओर उद्दंडतापूर्वक पीठ करके तैश में सोटी पटकते हुए उस टोली पर बरस पड़े, ‘‘क्यों वे साले, आज तुमने कीचड़ भरी उतनी टोकरियां क्यों नहीं फंेकी जितनी जमादार ने फंेकने के लिए कहा था? याद रखो, तुम्हारी हड्डी-हड्डी तोड़ डालूंगा। हां, देखो जमादार, आज दोपहर में भी ये