नहीं। अतः इनसे बोल-चाल रखने पर भी आपको घाटा उठाना पड़ेगा। आप बस अपने टिकट की ओर (बंदी पत्र, जिसमें मुझे पचास वर्षों का दंड दिया गया था) देखकर अपनी ही चिंता कीजिए। आपने यह सब सुन लिया न!’’
आप राजबंदी नहीं हैं
परंतु मैं उस प्रश्न को अनुत्तरित रख क्रोधाविष्ट भाव से भोजन करता रहा। यह देखकर तनिक खिसियाते हुए बारी साहब बोले, ‘‘देखो, इसी में आपकी भलाई है। आप राजबंदी नहीं, आप अन्य चोर-उचक्कों की तरह एक साधारण अपराधी हैं।’’
नहीं। अतः इनसे बोल-चाल रखने पर भी आपको घाटा उठाना पड़ेगा। आप बस अपने टिकट की ओर (बंदी पत्र, जिसमें मुझे पचास वर्षों का दंड दिया गया था) देखकर अपनी ही चिंता कीजिए। आपने यह सब सुन लिया न!’’
आप राजबंदी नहीं हैं
परंतु मैं उस प्रश्न को अनुत्तरित रख क्रोधाविष्ट भाव से भोजन करता रहा। यह देखकर तनिक खिसियाते हुए बारी साहब बोले, ‘‘देखो, इसी में आपकी भलाई है। आप राजबंदी नहीं, आप अन्य चोर-उचक्कों की तरह एक साधारण अपराधी हैं।’’