इस तरह मुझे पुनः-पुनः सचेत करते हुए चलते बने। उस दिन पहली बार मुझे ज्ञात हुआ कि मैं राजबंदी नहीं हूं। इस तथ्य को मेरे गले उतारने के लिए कितनी बार बारी, सुपरिंटेंडेंट तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे रटा होगा, इसकी कोई गिनती ही नहीं।
बारी साहब चले गए। मेरे सामने राजबंदियों को धमकाने का उनका उद्देश्य यह था कि मुझे भी इसी तरह गाली-गलौज, धमकी तथा मारपीट का सामना करना होगा, यह सोचकर मैं दब जाऊंगा। हां, इसीलिए बारीने यह
इस तरह मुझे पुनः-पुनः सचेत करते हुए चलते बने। उस दिन पहली बार मुझे ज्ञात हुआ कि मैं राजबंदी नहीं हूं। इस तथ्य को मेरे गले उतारने के लिए कितनी बार बारी, सुपरिंटेंडेंट तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे रटा होगा, इसकी कोई गिनती ही नहीं।
बारी साहब चले गए। मेरे सामने राजबंदियों को धमकाने का उनका उद्देश्य यह था कि मुझे भी इसी तरह गाली-गलौज, धमकी तथा मारपीट का सामना करना होगा, यह सोचकर मैं दब जाऊंगा। हां, इसीलिए बारीने यह