प्रत्यक्ष दृश्य-पाठ का उदाहरण मेरे सामने रखा था। यह देखकर मुझ उन राजबंदियों पर दया आ गई। यह भी ज्ञात हो गया कि मुझे भी दुःखों का सामना करना पड़ेगा, परंतु उसकी परिणति दब्बू बनने में नहीं हुई इसके विपरीत मुझे ऐसा प्रतीत हुआ कि उनके साथ इस अपमान को सहने की बारी मुझपर आ जाए, जिससे इन लोगों को निठल्ले, गुंडे आदि ताने मारे जाएं, तब यह जानकर कि मैं भी उन भिखारी, अनपढ़ों की ही पंक्ति में हूं, उनका मानसिक दुःख हलका होगा और वे सारे ताने,
प्रत्यक्ष दृश्य-पाठ का उदाहरण मेरे सामने रखा था। यह देखकर मुझ उन राजबंदियों पर दया आ गई। यह भी ज्ञात हो गया कि मुझे भी दुःखों का सामना करना पड़ेगा, परंतु उसकी परिणति दब्बू बनने में नहीं हुई इसके विपरीत मुझे ऐसा प्रतीत हुआ कि उनके साथ इस अपमान को सहने की बारी मुझपर आ जाए, जिससे इन लोगों को निठल्ले, गुंडे आदि ताने मारे जाएं, तब यह जानकर कि मैं भी उन भिखारी, अनपढ़ों की ही पंक्ति में हूं, उनका मानसिक दुःख हलका होगा और वे सारे ताने,