है। फिर बिना किसी कारण और अत्याचार सहने का हमें शौक थोड़े ही चढ़ा है? मैं सदैव यथासंभव काम करता ही रहंूगा।’’ बारी ने जैसे दयाभाव से कहा, ‘‘देखो भाई, मैं आपके लिए कहता हूं, अन्यों का चाहे जो हो, आप सबसे अलग ही रहना।’’ मेरा मनोर्धर्य भंग करने के लिए बारी जैसे-जैसे पचास बरस के दंड का बार-बार स्मरण दिलाता गया, वैसे ही उसकी नीति का विपरीत परिणाम होता गया और उन शब्दों के अर्थ से मैं इतना परिचित हो गया, जैसे तोपखाने के फौजी तोपखाने
है। फिर बिना किसी कारण और अत्याचार सहने का हमें शौक थोड़े ही चढ़ा है? मैं सदैव यथासंभव काम करता ही रहंूगा।’’ बारी ने जैसे दयाभाव से कहा, ‘‘देखो भाई, मैं आपके लिए कहता हूं, अन्यों का चाहे जो हो, आप सबसे अलग ही रहना।’’ मेरा मनोर्धर्य भंग करने के लिए बारी जैसे-जैसे पचास बरस के दंड का बार-बार स्मरण दिलाता गया, वैसे ही उसकी नीति का विपरीत परिणाम होता गया और उन शब्दों के अर्थ से मैं इतना परिचित हो गया, जैसे तोपखाने के फौजी तोपखाने