मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas




यदि मरना है तो

‘तो फिर ऐसे क्यों मर रहे हो? तुम्हारे द्वारा सही गई यातनाआंे का परिणाम देश के लिए होगा ही होगा। परंतु यदि तुम्हारा इसपर विश्वास न हो तो यह समाचार भी देश तक नहीं पहुंचेगा। फिर उसका नैतिक परिणाम भला कहां से होगा? फिर व्यर्थ कष्ट किसलिए? उनके लिए अपने हाथों से अपने पक्ष की हानि तथा पराजय क्यों बढ़ा रहे हो? यदि मरना ही है तो उस सेना का कुछ कार्य करके मरो जिसके तुम एक सैनिक हो। फांसी पर लटककर नहीं ं ं ं ंअपनी एक जान के लिए ं ं ंइस तरह मरो।


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यदि मरना है तो

‘तो फिर ऐसे क्यों मर रहे हो? तुम्हारे द्वारा सही गई यातनाआंे का परिणाम देश के लिए होगा ही होगा। परंतु यदि तुम्हारा इसपर विश्वास न हो तो यह समाचार भी देश तक नहीं पहुंचेगा। फिर उसका नैतिक परिणाम भला कहां से होगा? फिर व्यर्थ कष्ट किसलिए? उनके लिए अपने हाथों से अपने पक्ष की हानि तथा पराजय क्यों बढ़ा रहे हो? यदि मरना ही है तो उस सेना का कुछ कार्य करके मरो जिसके तुम एक सैनिक हो। फांसी पर लटककर नहीं ं ं ं ंअपनी एक जान के लिए ं ं ंइस तरह मरो।


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