यह आगे पता चल जाएगा।
इस प्रकार एक नहीं, अनेक युक्ति-प्रयुक्तियों द्वारा हमने आपस में अपने विचारों का आदान-प्रदान जारी रखा। जैसे-जैसे हमसे अन्य लोगों को दूर ले जाने का प्रयास किया जाता और राजबंदियों के आपस में बातचीत करने अथवा संकेत करने पर भी प्रतिबंध लगाया जाता वैसे-वैसे ही हमारी बातचीत, विचार-विनिमय करने की इच्छा प्रबल होती और वह आपसी संवाद तथा विनिमय अधिक तीव्र गति से चलता। इन सारी युक्तियांे की सहायता से, जैसाकि पीछे वर्णन किया है,
यह आगे पता चल जाएगा।
इस प्रकार एक नहीं, अनेक युक्ति-प्रयुक्तियों द्वारा हमने आपस में अपने विचारों का आदान-प्रदान जारी रखा। जैसे-जैसे हमसे अन्य लोगों को दूर ले जाने का प्रयास किया जाता और राजबंदियों के आपस में बातचीत करने अथवा संकेत करने पर भी प्रतिबंध लगाया जाता वैसे-वैसे ही हमारी बातचीत, विचार-विनिमय करने की इच्छा प्रबल होती और वह आपसी संवाद तथा विनिमय अधिक तीव्र गति से चलता। इन सारी युक्तियांे की सहायता से, जैसाकि पीछे वर्णन किया है,