अचानक छापा पड़ा
उस समय वह लंबा सा कागज छिपाना असंभव हो गया। उसे उठाते हुए ओवरसीयर ने पूछा, ‘‘यह क्या?’’ मैंने कहा, ‘‘नोट्स, टिप्पणियां।’’ उसने बलपूर्वक जताया, ‘‘कारागृह में पुस्तकों के नोट्स वगैरह कुछ नहीं ले सकते।’’ तथापि कुछ बड़ा बखेड़ा उपस्थित करने का सौभाग्य प्राप्त होगा, इस आशा से उसने कागज ठीक उजाले में और फिर अभी-अभी लगी हुई बत्ती के पास ले जाकर पढ़ा तो क्या च्सपवबमदमए डपवबमदमए छमवसपजीपब आदि ऊटपटांग शब्दों की रेलपेल।
अचानक छापा पड़ा
उस समय वह लंबा सा कागज छिपाना असंभव हो गया। उसे उठाते हुए ओवरसीयर ने पूछा, ‘‘यह क्या?’’ मैंने कहा, ‘‘नोट्स, टिप्पणियां।’’ उसने बलपूर्वक जताया, ‘‘कारागृह में पुस्तकों के नोट्स वगैरह कुछ नहीं ले सकते।’’ तथापि कुछ बड़ा बखेड़ा उपस्थित करने का सौभाग्य प्राप्त होगा, इस आशा से उसने कागज ठीक उजाले में और फिर अभी-अभी लगी हुई बत्ती के पास ले जाकर पढ़ा तो क्या च्सपवबमदमए डपवबमदमए छमवसपजीपब आदि ऊटपटांग शब्दों की रेलपेल।