मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas



बंदियों को एक वर्ष के उपरांत एक बार पत्र भेजने की अनुमति थी।¹ वह भी संक्षेप में लिखों, छोटा पत्र लिखो। इस प्रकार के आतंक की कैंची में लिखा हुआ


पत्र। उसमें भी वह खुले रूप में ही भेजा जाएगा, लिफाफे मंे नहीं। प्रथमतः कारागृह का अधिकारी, फिर उपनिवेशीय अधिकारी उसकी परीक्षा करेंगे और यदि उन्हें पसंद आ गया तो वे भेजंेगे। यह बात पहले से सभी को स्पष्ट की जाती कि कारागृह के संबंध में एक अक्षर भी नहीं लिखा जाएगा, अन्यथा नियम


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बंदियों को एक वर्ष के उपरांत एक बार पत्र भेजने की अनुमति थी।¹ वह भी संक्षेप में लिखों, छोटा पत्र लिखो। इस प्रकार के आतंक की कैंची में लिखा हुआ


पत्र। उसमें भी वह खुले रूप में ही भेजा जाएगा, लिफाफे मंे नहीं। प्रथमतः कारागृह का अधिकारी, फिर उपनिवेशीय अधिकारी उसकी परीक्षा करेंगे और यदि उन्हें पसंद आ गया तो वे भेजंेगे। यह बात पहले से सभी को स्पष्ट की जाती कि कारागृह के संबंध में एक अक्षर भी नहीं लिखा जाएगा, अन्यथा नियम


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