मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

यह नहीं बता रहे थे कि ऐसा कौन सा पहाड़ टूट पड़ा है। उनका अकांड-तांडव देखकर भयचकित बंदी आपस में मजाक करने लगे, ‘क्या हुआ इसे? कहीं कनखजूरे ने तो नहीं काट लिया?’

बारी बाबा उस चाली में चले गए जहां होती बाबू को रखा गया था और बिना किसी कारण उस पर बरस पड़े़ ‘‘खड़े रहो! जल्दी क्यों नहीं उठता बे? तुम सब झूठ बोलनेवाला है।’’ इसी तरह की और बातें। यद्यपि अन्य लोगों को बारी बाबा का होतीलाल पर झुंझलाकर बरस पड़ना भले ही व्यर्थ प्रतीत हुआ हो,


642 of 2228

यह नहीं बता रहे थे कि ऐसा कौन सा पहाड़ टूट पड़ा है। उनका अकांड-तांडव देखकर भयचकित बंदी आपस में मजाक करने लगे, ‘क्या हुआ इसे? कहीं कनखजूरे ने तो नहीं काट लिया?’

बारी बाबा उस चाली में चले गए जहां होती बाबू को रखा गया था और बिना किसी कारण उस पर बरस पड़े़ ‘‘खड़े रहो! जल्दी क्यों नहीं उठता बे? तुम सब झूठ बोलनेवाला है।’’ इसी तरह की और बातें। यद्यपि अन्य लोगों को बारी बाबा का होतीलाल पर झुंझलाकर बरस पड़ना भले ही व्यर्थ प्रतीत हुआ हो,


642 of 2228