उन कष्टों को सहने के लिए तैयार होना होगा। राजबंदियों पर इन विचारों का प्रभाव पड़ा। वे भी उस पक्ष का प्रायः खुल्लमखुल्ला समर्थन करने लगे, जिन्होंने वह पत्र भेजा था। मन से तो सब कर ही रहे थे।
दो सप्ताहों तक उस पत्र पर हंगामा चला। क्रोध के पहले आवेश के बाद बारी साहब पत्र-प्रेषक के पेट में घसने का प्रयास करने लगे। ‘हम क्या करे? हिंदुस्थान सरकार के आदेश से सबकुछ होता है’ उन्होंने मुझसे कहा, ‘‘आपके इस पागल होतीलाल ने ‘बंगाली’
उन कष्टों को सहने के लिए तैयार होना होगा। राजबंदियों पर इन विचारों का प्रभाव पड़ा। वे भी उस पक्ष का प्रायः खुल्लमखुल्ला समर्थन करने लगे, जिन्होंने वह पत्र भेजा था। मन से तो सब कर ही रहे थे।
दो सप्ताहों तक उस पत्र पर हंगामा चला। क्रोध के पहले आवेश के बाद बारी साहब पत्र-प्रेषक के पेट में घसने का प्रयास करने लगे। ‘हम क्या करे? हिंदुस्थान सरकार के आदेश से सबकुछ होता है’ उन्होंने मुझसे कहा, ‘‘आपके इस पागल होतीलाल ने ‘बंगाली’