किसी चंुगी को हटाया गया, कोई अभियाग चला, कोई दंगा हो गया। कोई क्रांतिकारी आघात-प्रत्याघात का दनदनाता विस्फोट उठा, कोई नई पुस्तक लिखी गई, किसी नए कवि का
उदय हो गया, चाहे छोटा हो या बड़ा, ऐसा समाचार सुनने के लिए जिसके योग से चिरविरहित मातृभूमि के स्वास्थ्य तथा विकास की कुछ-न-कुछ जानकारी प्राप्त हो, राजबंदियों के प्राण नित्य नियमित रूप से लालायित रहते थे। इस तरह के खंडित समाचार जोड़-जोड़कर उनकी चर्चा करते हुए उस कठोर कारागृह में हे हिंदुस्थान,
किसी चंुगी को हटाया गया, कोई अभियाग चला, कोई दंगा हो गया। कोई क्रांतिकारी आघात-प्रत्याघात का दनदनाता विस्फोट उठा, कोई नई पुस्तक लिखी गई, किसी नए कवि का
उदय हो गया, चाहे छोटा हो या बड़ा, ऐसा समाचार सुनने के लिए जिसके योग से चिरविरहित मातृभूमि के स्वास्थ्य तथा विकास की कुछ-न-कुछ जानकारी प्राप्त हो, राजबंदियों के प्राण नित्य नियमित रूप से लालायित रहते थे। इस तरह के खंडित समाचार जोड़-जोड़कर उनकी चर्चा करते हुए उस कठोर कारागृह में हे हिंदुस्थान,